Flipkart की सफलता की कहानी-Flipkart success story in Hindi

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Flipkart की सफलता की कहानी-Flipkart success story in Hindi
Flipkart की सफलता की कहानी-Flipkart success story in Hindi

Flipkart की सफलता की कहानी-Flipkart success story in Hindi,फ्लिपकार्ट आज कौन नहीं जनता हैं, ऑनलाइन शॉपिंग की अगर बात आती हैं तो फ्लिपकार्ट का ख्याल लोगों के मन में जरूर आता ही हैं, पर क्या आप जानते हैं की फ्लिपकार्ट को इतनी सफलता कैसे मिली या फिर इसके पीछे क्या कहानी हैं ? आइये इस आर्टिकल के द्वारा जानते हैं की फ्लिपकार्ट के सफलता के पीछे क्या कहानी हैं और आज कैसे फ्लिपकार्ट सबके जबान में छाए हुए हैं |




 फ्लिपकार्ट (Flipkart) एक e-commerce ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट हैं जहाँ तरह-तरह की चीज़े जैसे Books,Electronics,Fashion,Grocery,Beauty products आदि आप घर बैठे ही अच्छे मूल्य पर खरीद सकते हैं |

Flipkart की सफलता की कहानी-Flipkart success story in Hindi

फ्लिपकार्ट की शुरुवात आज से 11 साल पहले दो भाइयों द्वारा की गयी थी जिनका नाम हैं सचिन बंसल तथा बिन्नी बंसल हैं | सचिन बंसल का जन्म चंडीगढ़ में 5 August,1981 में हुआ था, सचिन बंसल तथा बिन्नी बंसल “Indian Institute of Technology Delhi” से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट थे| दोनों के पिता एक बिजनेसमैन तथा माता House Wife थी |

दोनों भाई ग्रेजुएट होने के बाद अमेज़ॉन(Amazon) के लिए काम किया करते थे तभी काम करते-करते दोनों के मन में अपना e-commerce, platform खोलने का विचार आया| विचार के पश्चात् ही दोनों ने अमेज़ॉन जैसी बड़ी कंपनी से इस्तीफा देने का मन बना लिया था |

दरअसल फ्लिपकार्ट की शुरुवात 5 सितम्बर 2007, 2 bhk अपार्टमेंट(Apartment), बुकस्टोर(Bookstore) से की गयी थी | जो आज इंडिया के टॉप ऑनलाइन स्टार्टअप में से एक हैं | देखते ही देखते फ्लिपकार्ट ने इतनी तरक्की हासिल की हैं की सचिन बंसल तथा बिन्नी बंसल आज दूसरों के लिए एक उदहारण के रूप में खरे होते हैं | इनकी कहानी कुछ इस प्रकार से हैं की ये दूसरे entrepreneurs के लिए मिशाल कायम किये हुए हैं |Flipkart की सफलता की कहानी-Flipkart success story in Hindi




 जॉब फ्लिपकार्ट भारत में आयी तब लोगों के बीच यह पेहली ऑनलाइन प्लेटफार्म थी जिससे ऑनलाइन घर बैठे लोग कुछ खरीद सकते थे | 2007 के पहले भी कई सारी ऑनलाइन प्लेटफार्म आयी लेकिन बिना देखे सामान लेने के ऊपर भारतीय उस वक़्त भरोसा नहीं कर पाते थे और दूसरी तरफ ऑनलाइन पेमेंट पर भी लोगों को भरोसा नहीं हो पाता था |इन सभी असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सचिन तथा बिन्नी ने “Cash on Delivery” concept लाया जिससे लोग आसानी से भरोसा कर ऑनलाइन शॉपिंग कर पाते थे |

सचिन और बिन्नी ने अपने स्टार्टअप को खड़ा करने के लिए काफी मेहनत की थी तथा खुद ही लोगों के घर डिलीवरी करने भी जाया करते थे | लोग ज्यादा से ज्यादा जाने इसके लिए खुद ही pamphlets बाटा करते थे | दिनदूनी रात चौगुनी मेहनत करने से सचिन तथा बिन्नी कामयाबी की सीढिया चढ़ते गए|

2008-09 में 40 million की बिक्री के बाद फ्लिपकार्ट में इन्वेस्ट करने के लिए कई सारे investors सामने आये और ऐसे ही फ्लिपकार्ट लगातार उन्नति की तरफ आगे बढ़ती ही चली गयी | फ्लिपकार्ट ने 2014 में Myntra.com तथा अन्य कई ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स को भी खरीद ली हैं| फ्लिपकार्ट ने इतनी जल्दी तरक्की हासिल की हैं की 2016 में इसकी बिक्री 14 billion तक पहुंच गयी हैं |

आज फ्लिपकार्ट में 30000 से भी ज्यादा employee हैं तथा इस कंपनी की revenue 2017 के अनुसार 199 billion की थी जो आज और भी ज्यादा होगी | आज फ्लिपकार्ट में आपके जरूरत की सारी चीजें उपलब्ध हैं जो आप अपनी रोजमर्रा की जिंदिगी में इस्तेमाल कर सकते हैं |







Flipkart की सफलता की कहानी-Flipkart success story in Hindi,वे कहते हैं न सच्ची लगन तथा मेहनत आपसे क्या कुछ नहीं करवाती हैं, इनकी कहानी भी आज के युवाओं को प्रेरित करती हैं की अगर कुछ कर जाने की चाहत हैं तो जोखिम तो उठाना ही पड़ता हैं लेकिन उससे भी ज्यादा जरुरी हैं खुद पर भरोसा का होना जो दोनों भइयो में काफी था और इसके कारण ही दोनों आज वर्ल्ड Famous तथा टॉप Entrepreneur’s में शामिल हैं | 2012-2013 में बिन्नी बंसल को ‘Entrepreneur of the year’ Award दिया गया था |

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